Friday, November 14, 2008

एकदिवसीय शृंखला मे भारत का आगाज जीत के साथ

भारत और इंग्लैंड के बीच सात मैचों की एकदिवसीय शृंखला का पहला मैच राजकोट के स्थानीय स्टेडियम माधवराव सिंधिया में खेला गया । इस मैच का आगाज भारत ने जीत के साथ किया । भारत ने इंग्लैंड को पहले ही एक दिवसीय मैच में 158 रनों से दी करारी शिकस्त दे डाली । भारत के पहाड़ जैसे 387 रनों का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम ने 229 पर ही दम तोड़ दिया ।
श्रृंखला के पहले मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था पर यह फ़ैसला मेहमान टीम को भारी पड़ गया । इंग्लैंड के खिलाफ पहले एक दिवसीय मैच में भारत ने ठोस शुरुआत की । इसके बाद भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 387 रन बनाए । युवराज़ और सेहवाग ने इंग्लैंड के बॉलरों की धुलाई मे कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी । भारत की इस शानदार पारी में शतकवीर युवराज का बल्ला बोल उठा और उन्होने 6 छक्कों और 16 चौकों की मदद से 78 गेंदों में नाबाद 138 रन बनाए और वहीं सलामी बल्लेबाज़ विरेन्द्र सहवाग ने 73 गेंदों पर 3 छक्कों और 10 चौकों की मदद से शानदार 85 रनों का शानदार योगदान दिया । भारत के बाकी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाये ।
वहिं दूसरी तरफ़ इंग्लैंड शुरुआती झटकों के बाद संभल नहीं सकी । तीसरे ही ओवर मे प्रायर को मुनाफ पटेल ने सहवाग के हाथों कैच करवा कर इंग्लैंड को पहला झटका दे डाला और इसके बाद अगले ही ओवर में जहीर खान ने शाह को सहवाग के हाथों कैच करवाकर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया इसके बाद भारतीय बॉलरों ने मेहमान को संभलने का मौका नहीं दिया और इंग्लैंड की टीम मात्र 229 के मामूली स्कोर पर बिखर गयी ।

VIVEK SHANDILYA

Thursday, November 13, 2008

ईस्ट या वेस्ट सचिन इज द बेस्ट

नागपूर में खेले जा रहे चौथे टेस्ट में सचिन ने रिकार्डो की झड़ी लगा दी । सचिन के कद के सामने सारे रिकार्ड बौने लगने लगे है । सचिन ने एक बार फ़िर अपने आप को साबित करते हुए यह बता दिया है की उनमे काफ़ी खेल बचा हुआ है । नागपुर मे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ खेलते हुए सचिन ने अपने करियर का 40वाँ शतक जड़ा और गवास्कर व एलेन बॉर्डर दोनो के रिकार्डो को तोड़ डाला जिनके नाम की ट्रॉफी पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट श्रृंखला होती आ रही है । सचिन अपने आलोचकों को हमेशा ही अपने बल्ले से करारा जवाब देते आये हैं, इस बार भी उन्होने वही किया और साथ में कहा की उनका सन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है ।
तेंदुलकर का यह भारत में 17वां टेस्ट शतक है जो एक नया रिकार्ड है, इससे पहले यह रिकॉर्ड गावस्कर के नाम पर था। तेंदुलकर ने जब अर्धशतक पूरा किया था तो सर्वाधिक 91 बार 50 रन से अधिक की पारियां खेलने का रिकॉर्ड बनाया था। बोर्डर ने 90 बार यह कारनामा कर दिखाया था। यही नहीं तेंदुलकर का यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दसवां शतक है, जो भारत की तरफ से रिकॉर्ड है । तेंदुलकर का यह 40वां शतक है और वह इस मुकाम पर पहुंचने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। इससे उनके और दूसरे नंबर पर काबिज रिकी पोंटिंग (36) के बीच दूरी भी बढ़ गई है। तेंदुलकर ने इससे पहले अपना आखिरी शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही एडिलेड में बनाया था।

विवेक शांडिल्य
शायद आतंकवाद भारत का साया बन चुका है !
आतंकवाद की मार झेल रहे भारत में पिछले छह वर्षो के दौरान हुई आतंकवादी घटनाओं में तकरीबन 600 लोग मारे गये और हजारों घायल हुए । इनमे कई निर्दोश मारे गये और कई घायल हुए है पर आतंकवाद कम नही हो रही है । क्या कारण है कि लोग एक दुसरे के खून के प्यासे बन गये है ? रावण मारा गया क्योकिं विभीषण उसका भाई था हमारे घर में कौन विभीषण है शायद हम ये कभी नहीं जान पायेंगे क्योंकि हम पैसे के पीछे भाग रहे है और इंसानीयत भूल बैठे है !

असम, 30 अक्टूबर, 2008: एक के बाद एक 12 बम विस्फोट हुए जिससे पुरा असम दहल उठा जिनमें तकरीबन 61 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हो गए।

इंफाल, 20 अक्टूबर, 2008: मणिपुर पुलिस कमांडो परिसर के निकट एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई।

कानपुर, 14 अक्टूबर, 2008: कोलोनेलगंज बाजार में हुए विस्फोट में आठ लोग घायल हो गए।

मालेगांव (महाराष्ट्र), 29 अक्टूबर 2008: एक भीड़भाड़ वाले बाजार में मोटरसाइकिल के जरिए किए गए विस्फोट में पांच लोग मारे गए।

मोदासा(गुजरात), 29 सितंबर, 2008: मोटरसाइकिल द्वारा किए गए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

नई दिल्ली, 27 सितंबर, 2008: महरौली में हुए बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई।

नई दिल्ली, 13 सितंबर, 2008: शहर में हुए छह सिलसिलेवार बम धमाकों में 26 लोगों की मौत हो गई।

अहमदाबाद, 26 जुलाई, 2008: दो घंटों के अंदर कई विस्फोट हुए जिनमें 57 लोगों की मौत हो गई।

बेंगलुरू, 25 जुलाई, 2008: सात बम विस्फोट हुए जिनमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई।

जयपुर, 13 मई, 2008: सिलसिलेवार विस्फोट में 68 लोग मारे गए।

हैदरबाद, 25 अगस्त, 2008: दो बम विस्फोटों में 42 लोग मारे गए।

समझौता एक्सप्रेस, 19 फरवरी, 2007: भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली इस ट्रेन में धमाका हुआ जिसमें 66 लोगों की मौत हो गई।

मालेगांव, 8 सितंबर, 2006: दो विस्फोटों में 40 लोग मारे गए।

मुंबई, 11 जुलाई, 2006: लोकल ट्रेन में हुए सात बम विस्फोटों में 209 लोगों की मौत हो गई।

वाराणसी, 7 मार्च, 2006: एक मंदिर और रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोट में 21 लोग मारे गए।

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, 2005: दीपावली से ठीक पहले कई विस्फोट हुए जिनमें 61 लोगों की जान चली गई।

मुंबई, 25 अगस्त, 2003: दो विस्फोटों में 46 लोगों की मौत हो गई।

गांधीनगर, 24 अगस्त, 2002: अक्षरधाम मंदिर पर आतंकवादी हमला हुआ जिसमें 34 लोग मारे गए।