Thursday, March 1, 2012

टीम इंडिया या फिर टीम 'साउथ इंडिया'

टीम इंडिया या फिर टीम 'साउथ इंडिया'


टीम इंडिया व चयनकर्ता श्रीकांत
सहवाग को टीम से बाहर करके BCCI ने सोचा कि वो अपने दामन पर लगे हार के  दाग को धो लेगी लेकिन जाने अंजाने में बोर्ड ने कुछ ऐसे तारों को छेड़ दिया जिससे बहस के लंबे दौर की शुरुआत हो गई है औऱ एक बार फिर इस सवाल ने जन्म लिया है कि क्या खिलाड़ियों के चयन में ज़ोनवाद हावी है... ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे  मौजूदा सीबी सीरीज में सिर्फ सहवाग के बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे या एक महज सहवाग ही सारे हार के जिम्मेदार हों, ऐसा नहीं है... इस सीरीज में बल्ले और गेंद या दोनों से नाकाम रहने वालों की फेहरीस्त लंबी है... टीम के कुछ ऐसे नवाब हैं जो खेले न खेलें बोर्ड उन्हे मौका देता रहता है... और अगर टीम प्रबंधन की बात करें, तो बोर्ड से टीम की सोच बहुत ज्यादा अलग नहीं नजर आती हैं... टीम भी उन खिलाड़ियों को बाहर नहीं बिठाना चाहता जो आउट ऑफ फॉर्म हों... चाहे कोई खिलाड़ी बेंच पर ही बैठ कर ही पूरी सीरीज क्यों न निकाल दे... बहरहाल मौजूदा टीम के फिस्ड्डी खिलाड़ियों की बात करें तो... इस सीरीज में न तो सुरेश रैना चले... न तो रवींद्र जडेजा कुछ खास कर पाए... और न तो आर अश्विन ही गेंद से कमाल दिखा पाए... और फिर भी BCCI ने अपनी दरियादिली दिखाते हुए एशिया कप के लिए उन्हें टीम में जगह दे ही डाली... वैसे आप इसे साउथ इंडियन चस्में से देखेंगे तो माजरा हो सकता है कि आपके समझ आ जाए...  ये वो ही खिलाड़ी हैं जो या तो साउथ जोन से आते हैं या तो चैन्नई टीम की तरफ से IPL में खेलते हैं... और गौर करनें वाली बात है कि जिन लोगों का BCCI में दबदबा है वो भी साउथ जोन से ताल्लुक रखते हैं मसलन अध्यक्ष महोदय श्री निवासन साहब... मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत साहब औऱ टीम के कप्तान धोनी साहब... तो ऐसे में इस चैन्नई प्रेम को समझना बहुत मुश्किल नहीं है...  

विवेक शांडिल्य

बली का बकरा "सहवाग"

बली का बकरा "सहवाग"


टीम की हार को देखते हुए ये कयास तो लगाए जा रहे थे कि इस बार जब भी टीम का एलान होगा तो काफी फेरबदल देखने को मिल सकते हैं... और वो वक्त भी आ गया जब एशिया कप के लिए टीम का एलान हुआ... पूरे देश की निगाहें BCCI की मुम्बई में होने वाली मीटिंग पर टिकी थी... ये बैठक अहम इसलिए थी क्योंकि बुरे दौर और आलोचनाओं को झेल रही टीम में सभी बदलाव चाहते थे... लंबी बैठक के बाद जब टीम का एलान किया गया तो नतीजा ढाक के तीन पात का ही निकला... बली का बकरा बन गए नजफगढ़ के नवाब बेचारे 219 रन के कीर्तिमान वाले सहवाग... अब किसी न किसी को तो टीम से बाहर करना ही था वैसे भी सहवाग सबसे अच्छे और सॉफ्ट टारगेट थे तो बोर्ड ने भी सोचा कि क्यों न बहती गंगा में हाथ धो लिया जाए.. सहवाग को निकालने के पीछे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने ये दलील पेश की, की उन्हे टीम से बाहर नहीं किया गया हैवो चोटिल हैंउनके कमर में दर्द हैं और उन्हें आराम दिया गया है... वैसे सहवाग की फील्डिंग को देख कर कहीं से भी नहीं लगता है कि वो चोटिल हैं... हो सकता है BCCI के पास कोई अलग जानकारी हो.. वैसे सहवाग ने भी इन बातों का खंडन किया है कि उन्हे बाहर नहीं किया गया है... भला हो सहवाग का जो BCCI की इज्जत पर पर्दा डाल रहे हैं... सवाल ये भी है कि अगर वो चोटिल हैं तो उन्हें मौजूदा सीरीज में खेलने कैसे दिया जा रहा है... बहरहाल जो भी हो नवाब साहब टीम से बाहर तो कर दिए गए और बाकि अच्छे खिलाड़ियों मसलन जडेजा, रैना, रोहित शर्मा को बोर्ड ने टीम में शामिल भी कर लिया... हमें और आपको बस अब नतीजा चाहिए जो एशिया कप में नजर आएगा..

विवेक शांडिल्य