भारत और इंग्लैंड के बीच सात मैचों की एकदिवसीय शृंखला का पहला मैच राजकोट के स्थानीय स्टेडियम माधवराव सिंधिया में खेला गया । इस मैच का आगाज भारत ने जीत के साथ किया । भारत ने इंग्लैंड को पहले ही एक दिवसीय मैच में 158 रनों से दी करारी शिकस्त दे डाली । भारत के पहाड़ जैसे 387 रनों का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम ने 229 पर ही दम तोड़ दिया ।
श्रृंखला के पहले मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था पर यह फ़ैसला मेहमान टीम को भारी पड़ गया । इंग्लैंड के खिलाफ पहले एक दिवसीय मैच में भारत ने ठोस शुरुआत की । इसके बाद भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 387 रन बनाए । युवराज़ और सेहवाग ने इंग्लैंड के बॉलरों की धुलाई मे कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी । भारत की इस शानदार पारी में शतकवीर युवराज का बल्ला बोल उठा और उन्होने 6 छक्कों और 16 चौकों की मदद से 78 गेंदों में नाबाद 138 रन बनाए और वहीं सलामी बल्लेबाज़ विरेन्द्र सहवाग ने 73 गेंदों पर 3 छक्कों और 10 चौकों की मदद से शानदार 85 रनों का शानदार योगदान दिया । भारत के बाकी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाये ।
वहिं दूसरी तरफ़ इंग्लैंड शुरुआती झटकों के बाद संभल नहीं सकी । तीसरे ही ओवर मे प्रायर को मुनाफ पटेल ने सहवाग के हाथों कैच करवा कर इंग्लैंड को पहला झटका दे डाला और इसके बाद अगले ही ओवर में जहीर खान ने शाह को सहवाग के हाथों कैच करवाकर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया इसके बाद भारतीय बॉलरों ने मेहमान को संभलने का मौका नहीं दिया और इंग्लैंड की टीम मात्र 229 के मामूली स्कोर पर बिखर गयी ।
VIVEK SHANDILYA
Friday, November 14, 2008
Thursday, November 13, 2008
ईस्ट या वेस्ट सचिन इज द बेस्ट
नागपूर में खेले जा रहे चौथे टेस्ट में सचिन ने रिकार्डो की झड़ी लगा दी । सचिन के कद के सामने सारे रिकार्ड बौने लगने लगे है । सचिन ने एक बार फ़िर अपने आप को साबित करते हुए यह बता दिया है की उनमे काफ़ी खेल बचा हुआ है । नागपुर मे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ खेलते हुए सचिन ने अपने करियर का 40वाँ शतक जड़ा और गवास्कर व एलेन बॉर्डर दोनो के रिकार्डो को तोड़ डाला जिनके नाम की ट्रॉफी पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट श्रृंखला होती आ रही है । सचिन अपने आलोचकों को हमेशा ही अपने बल्ले से करारा जवाब देते आये हैं, इस बार भी उन्होने वही किया और साथ में कहा की उनका सन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है ।
तेंदुलकर का यह भारत में 17वां टेस्ट शतक है जो एक नया रिकार्ड है, इससे पहले यह रिकॉर्ड गावस्कर के नाम पर था। तेंदुलकर ने जब अर्धशतक पूरा किया था तो सर्वाधिक 91 बार 50 रन से अधिक की पारियां खेलने का रिकॉर्ड बनाया था। बोर्डर ने 90 बार यह कारनामा कर दिखाया था। यही नहीं तेंदुलकर का यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दसवां शतक है, जो भारत की तरफ से रिकॉर्ड है । तेंदुलकर का यह 40वां शतक है और वह इस मुकाम पर पहुंचने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। इससे उनके और दूसरे नंबर पर काबिज रिकी पोंटिंग (36) के बीच दूरी भी बढ़ गई है। तेंदुलकर ने इससे पहले अपना आखिरी शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही एडिलेड में बनाया था।
विवेक शांडिल्य
तेंदुलकर का यह भारत में 17वां टेस्ट शतक है जो एक नया रिकार्ड है, इससे पहले यह रिकॉर्ड गावस्कर के नाम पर था। तेंदुलकर ने जब अर्धशतक पूरा किया था तो सर्वाधिक 91 बार 50 रन से अधिक की पारियां खेलने का रिकॉर्ड बनाया था। बोर्डर ने 90 बार यह कारनामा कर दिखाया था। यही नहीं तेंदुलकर का यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दसवां शतक है, जो भारत की तरफ से रिकॉर्ड है । तेंदुलकर का यह 40वां शतक है और वह इस मुकाम पर पहुंचने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। इससे उनके और दूसरे नंबर पर काबिज रिकी पोंटिंग (36) के बीच दूरी भी बढ़ गई है। तेंदुलकर ने इससे पहले अपना आखिरी शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही एडिलेड में बनाया था।
विवेक शांडिल्य
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शायद आतंकवाद भारत का साया बन चुका है !
आतंकवाद की मार झेल रहे भारत में पिछले छह वर्षो के दौरान हुई आतंकवादी घटनाओं में तकरीबन 600 लोग मारे गये और हजारों घायल हुए । इनमे कई निर्दोश मारे गये और कई घायल हुए है पर आतंकवाद कम नही हो रही है । क्या कारण है कि लोग एक दुसरे के खून के प्यासे बन गये है ? रावण मारा गया क्योकिं विभीषण उसका भाई था हमारे घर में कौन विभीषण है शायद हम ये कभी नहीं जान पायेंगे क्योंकि हम पैसे के पीछे भाग रहे है और इंसानीयत भूल बैठे है !
असम, 30 अक्टूबर, 2008: एक के बाद एक 12 बम विस्फोट हुए जिससे पुरा असम दहल उठा जिनमें तकरीबन 61 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हो गए।
इंफाल, 20 अक्टूबर, 2008: मणिपुर पुलिस कमांडो परिसर के निकट एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई।
कानपुर, 14 अक्टूबर, 2008: कोलोनेलगंज बाजार में हुए विस्फोट में आठ लोग घायल हो गए।
मालेगांव (महाराष्ट्र), 29 अक्टूबर 2008: एक भीड़भाड़ वाले बाजार में मोटरसाइकिल के जरिए किए गए विस्फोट में पांच लोग मारे गए।
मोदासा(गुजरात), 29 सितंबर, 2008: मोटरसाइकिल द्वारा किए गए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
नई दिल्ली, 27 सितंबर, 2008: महरौली में हुए बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई।
नई दिल्ली, 13 सितंबर, 2008: शहर में हुए छह सिलसिलेवार बम धमाकों में 26 लोगों की मौत हो गई।
अहमदाबाद, 26 जुलाई, 2008: दो घंटों के अंदर कई विस्फोट हुए जिनमें 57 लोगों की मौत हो गई।
बेंगलुरू, 25 जुलाई, 2008: सात बम विस्फोट हुए जिनमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई।
जयपुर, 13 मई, 2008: सिलसिलेवार विस्फोट में 68 लोग मारे गए।
हैदरबाद, 25 अगस्त, 2008: दो बम विस्फोटों में 42 लोग मारे गए।
समझौता एक्सप्रेस, 19 फरवरी, 2007: भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली इस ट्रेन में धमाका हुआ जिसमें 66 लोगों की मौत हो गई।
मालेगांव, 8 सितंबर, 2006: दो विस्फोटों में 40 लोग मारे गए।
मुंबई, 11 जुलाई, 2006: लोकल ट्रेन में हुए सात बम विस्फोटों में 209 लोगों की मौत हो गई।
वाराणसी, 7 मार्च, 2006: एक मंदिर और रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोट में 21 लोग मारे गए।
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, 2005: दीपावली से ठीक पहले कई विस्फोट हुए जिनमें 61 लोगों की जान चली गई।
मुंबई, 25 अगस्त, 2003: दो विस्फोटों में 46 लोगों की मौत हो गई।
गांधीनगर, 24 अगस्त, 2002: अक्षरधाम मंदिर पर आतंकवादी हमला हुआ जिसमें 34 लोग मारे गए।
आतंकवाद की मार झेल रहे भारत में पिछले छह वर्षो के दौरान हुई आतंकवादी घटनाओं में तकरीबन 600 लोग मारे गये और हजारों घायल हुए । इनमे कई निर्दोश मारे गये और कई घायल हुए है पर आतंकवाद कम नही हो रही है । क्या कारण है कि लोग एक दुसरे के खून के प्यासे बन गये है ? रावण मारा गया क्योकिं विभीषण उसका भाई था हमारे घर में कौन विभीषण है शायद हम ये कभी नहीं जान पायेंगे क्योंकि हम पैसे के पीछे भाग रहे है और इंसानीयत भूल बैठे है !
असम, 30 अक्टूबर, 2008: एक के बाद एक 12 बम विस्फोट हुए जिससे पुरा असम दहल उठा जिनमें तकरीबन 61 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हो गए।
इंफाल, 20 अक्टूबर, 2008: मणिपुर पुलिस कमांडो परिसर के निकट एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई।
कानपुर, 14 अक्टूबर, 2008: कोलोनेलगंज बाजार में हुए विस्फोट में आठ लोग घायल हो गए।
मालेगांव (महाराष्ट्र), 29 अक्टूबर 2008: एक भीड़भाड़ वाले बाजार में मोटरसाइकिल के जरिए किए गए विस्फोट में पांच लोग मारे गए।
मोदासा(गुजरात), 29 सितंबर, 2008: मोटरसाइकिल द्वारा किए गए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
नई दिल्ली, 27 सितंबर, 2008: महरौली में हुए बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई।
नई दिल्ली, 13 सितंबर, 2008: शहर में हुए छह सिलसिलेवार बम धमाकों में 26 लोगों की मौत हो गई।
अहमदाबाद, 26 जुलाई, 2008: दो घंटों के अंदर कई विस्फोट हुए जिनमें 57 लोगों की मौत हो गई।
बेंगलुरू, 25 जुलाई, 2008: सात बम विस्फोट हुए जिनमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई।
जयपुर, 13 मई, 2008: सिलसिलेवार विस्फोट में 68 लोग मारे गए।
हैदरबाद, 25 अगस्त, 2008: दो बम विस्फोटों में 42 लोग मारे गए।
समझौता एक्सप्रेस, 19 फरवरी, 2007: भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली इस ट्रेन में धमाका हुआ जिसमें 66 लोगों की मौत हो गई।
मालेगांव, 8 सितंबर, 2006: दो विस्फोटों में 40 लोग मारे गए।
मुंबई, 11 जुलाई, 2006: लोकल ट्रेन में हुए सात बम विस्फोटों में 209 लोगों की मौत हो गई।
वाराणसी, 7 मार्च, 2006: एक मंदिर और रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोट में 21 लोग मारे गए।
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, 2005: दीपावली से ठीक पहले कई विस्फोट हुए जिनमें 61 लोगों की जान चली गई।
मुंबई, 25 अगस्त, 2003: दो विस्फोटों में 46 लोगों की मौत हो गई।
गांधीनगर, 24 अगस्त, 2002: अक्षरधाम मंदिर पर आतंकवादी हमला हुआ जिसमें 34 लोग मारे गए।
Thursday, October 30, 2008
दिल्ली टेस्ट:गम्भीर व सचिन ने की धमाकेदार शुरुआत
फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन गम्भीर ने अपने करियर का न सिर्फ़ तीसरा शतक जड़ा
बल्कि भारत को मजबूत स्थिति मे भी पहुंचा दिया और सचिन ने गम्भीर का पुरा साथ निभाया । दोनो ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया के गेन्दबाजों कि बखिया
उधेड़ डाली । गंभीर ने अपनी 285 गेंदों की मैराथन पारी में 20 चौके और एक छक्का लगाया और सचिन तेंदुलकर (68) के साथ तीसरे विकेट के लिए 130 रन, जबकि लक्ष्मण ने संभलकर खेलते हुए 94 गेंदों पर तीन चौके लगाए। दोनों बल्लेबाजों ने 37.1 ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए प्रति ओवर 3.73 की दर से रन बटोरे।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ताबड़तोड़ सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने घरेलू मैदान पर जलवा नहीं बिखेर सके और एक रन बनाकर तेज गेंदबाज ब्रेट ली का शिकार बने। उस समय भारत का स्कोर पांच रन था ।इसके बाद द्रविड़ भी मात्र 11 के निजि स्कोर पर जानसन की गेंद पर मैथ्यू हेडन के हाथ मे कैच थमा बैठे । इस समय भारत का स्कोर महज 27 रन था ।
वीवीएस लक्ष्मण (नाबाद 54) के साथ चौथे विकेट के लिए 139 रन जोड़ने के बाद नाबाद लौटे जबकि गंभीर 149 रन बनाकर नाबद थे । आज दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने तीन विकेट पर 296 रन बना लिए थे ।
फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन गम्भीर ने अपने करियर का न सिर्फ़ तीसरा शतक जड़ा
बल्कि भारत को मजबूत स्थिति मे भी पहुंचा दिया और सचिन ने गम्भीर का पुरा साथ निभाया । दोनो ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया के गेन्दबाजों कि बखिया
उधेड़ डाली । गंभीर ने अपनी 285 गेंदों की मैराथन पारी में 20 चौके और एक छक्का लगाया और सचिन तेंदुलकर (68) के साथ तीसरे विकेट के लिए 130 रन, जबकि लक्ष्मण ने संभलकर खेलते हुए 94 गेंदों पर तीन चौके लगाए। दोनों बल्लेबाजों ने 37.1 ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए प्रति ओवर 3.73 की दर से रन बटोरे।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ताबड़तोड़ सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने घरेलू मैदान पर जलवा नहीं बिखेर सके और एक रन बनाकर तेज गेंदबाज ब्रेट ली का शिकार बने। उस समय भारत का स्कोर पांच रन था ।इसके बाद द्रविड़ भी मात्र 11 के निजि स्कोर पर जानसन की गेंद पर मैथ्यू हेडन के हाथ मे कैच थमा बैठे । इस समय भारत का स्कोर महज 27 रन था ।
वीवीएस लक्ष्मण (नाबाद 54) के साथ चौथे विकेट के लिए 139 रन जोड़ने के बाद नाबाद लौटे जबकि गंभीर 149 रन बनाकर नाबद थे । आज दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने तीन विकेट पर 296 रन बना लिए थे ।
Tuesday, October 28, 2008
राहुल की मौत का जिम्मेदार कौन ?
नौकरी कि तलाश मे बिहार से आये एक युवक की मौत सोमवार को मुम्बई पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ मे हो गयी, जिसका नाम राहुल राज था । पुलिस के मुताबिक सोमवार को सुबह तकरीबन 9:25 के आस पास पटना से आये युवक(राहुल राज) कुर्ला के बेल बाज़ार इलाके मे बेस्ट बस को हाइजैक
करने कि कोशिश कर रहा था और पुलिस के हस्तक्षेप करने पर पुलिसकर्मियों पर फ़ायरिंग भी करने लगा । पुलिस वालों ने उससे फ़ायरिंग बंद करने को कहा और उसके ना मानने पर पुलिस ने जवाबी फ़ायरिंग की जिसमे राहुल कि मौके पर हि मौत हो गयी और एक आदमी गंभीर रुप से घायल हो गया इसे राज़ावड़ि अस्पताल मे भर्ती कराया गया है मनोज भगत नमक इस व्यक्ति कि स्थिति नाज़ुक बतायी जा रही है । जहां एक और बिहार के नेताओं ने प्रधानमंत्री से मिलकर न्यायीक जांच कि मांग की है वहिं दुसरी ओर महाराष्ट्र के उपमुख्यमन्त्री ने कहा की "बुल्लेट क जवाब बुल्लेट से ही दिया जायेगा" ।
जब पूरा बिहार राज के लगाई आग मे जल रहा है और पवन के मौत को ज्यादा दिन भी नहीं बीते है तो क्या पुलिस के हाथों राहुल कि मौत जायज है ? क्या स्थिति इतनी गंभीर थी कि राहुल को गोलियों से छलनी कर देना पड़ा ? शायद इन सवालों का जवाब आज हर भारतीय जानना चाहता है ।
नौकरी कि तलाश मे बिहार से आये एक युवक की मौत सोमवार को मुम्बई पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ मे हो गयी, जिसका नाम राहुल राज था । पुलिस के मुताबिक सोमवार को सुबह तकरीबन 9:25 के आस पास पटना से आये युवक(राहुल राज) कुर्ला के बेल बाज़ार इलाके मे बेस्ट बस को हाइजैक
करने कि कोशिश कर रहा था और पुलिस के हस्तक्षेप करने पर पुलिसकर्मियों पर फ़ायरिंग भी करने लगा । पुलिस वालों ने उससे फ़ायरिंग बंद करने को कहा और उसके ना मानने पर पुलिस ने जवाबी फ़ायरिंग की जिसमे राहुल कि मौके पर हि मौत हो गयी और एक आदमी गंभीर रुप से घायल हो गया इसे राज़ावड़ि अस्पताल मे भर्ती कराया गया है मनोज भगत नमक इस व्यक्ति कि स्थिति नाज़ुक बतायी जा रही है । जहां एक और बिहार के नेताओं ने प्रधानमंत्री से मिलकर न्यायीक जांच कि मांग की है वहिं दुसरी ओर महाराष्ट्र के उपमुख्यमन्त्री ने कहा की "बुल्लेट क जवाब बुल्लेट से ही दिया जायेगा" ।
जब पूरा बिहार राज के लगाई आग मे जल रहा है और पवन के मौत को ज्यादा दिन भी नहीं बीते है तो क्या पुलिस के हाथों राहुल कि मौत जायज है ? क्या स्थिति इतनी गंभीर थी कि राहुल को गोलियों से छलनी कर देना पड़ा ? शायद इन सवालों का जवाब आज हर भारतीय जानना चाहता है ।
Monday, October 27, 2008
निवेशकों पर दोहरी मार महँगाई और शेयर बाज़ार
भारतीय शेयर बाज़ार मे आयी भूचाल जारी है और ये भुचाल फ़िलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है | शुक्रवार को बाज़ार मे 1070.63 की गिरावट
के बाद निवेशकों को आशा थी कि सोमवार को बाज़ार से कूछ राहत जरुर मिलेगी लेकिन शेयर बाज़ार का दिवाली से पहले दिवाला निकल गया।
शुक्रवार को बाज़ार 8701.07 पर बन्द हुआ था और आज बाज़ार सुबह-सुबह खुलते हि 800 अंक गिर गया । जिससे निवेशकों मे हड्कंप मच गया |
एक समय ऐसा आया बाज़ार 8000 के नीचे चला गया । बाज़ार फ़िर संभलते हुए 191 अंको की गिरावट के साथ 8059.56 पर बन्द हुआ ।
शेयर बाज़ार के निवेशकर्ताओं को फ़िलहाल राहत मिलती नज़र नहीं आ रही है | आज दिन भर बाज़ार मे उतारचढ़ाव का दौर जारी रहा । वहीं दूसरी तरफ़ निफ़्टी मे भी 59.08 अंको कि गिरावट दर्ज की गयी । हलांकि बाज़ार मे रियलिटी सेक्टर के शेयरों कि । दाम कम होने की वज़ह से काफ़ी बिक्री हुई । बैंकिंग क्षेत्रों को बिकवाली के दवाब मे काफ़ी नुक्सान उठाना पड़ा । जापान और एशिया के अन्य शेयर बाज़ारों मे भी गिरावट दर्ज़ की गयी ।
भारतीय शेयर बाज़ार मे आयी भूचाल जारी है और ये भुचाल फ़िलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है | शुक्रवार को बाज़ार मे 1070.63 की गिरावट
के बाद निवेशकों को आशा थी कि सोमवार को बाज़ार से कूछ राहत जरुर मिलेगी लेकिन शेयर बाज़ार का दिवाली से पहले दिवाला निकल गया।
शुक्रवार को बाज़ार 8701.07 पर बन्द हुआ था और आज बाज़ार सुबह-सुबह खुलते हि 800 अंक गिर गया । जिससे निवेशकों मे हड्कंप मच गया |
एक समय ऐसा आया बाज़ार 8000 के नीचे चला गया । बाज़ार फ़िर संभलते हुए 191 अंको की गिरावट के साथ 8059.56 पर बन्द हुआ ।
शेयर बाज़ार के निवेशकर्ताओं को फ़िलहाल राहत मिलती नज़र नहीं आ रही है | आज दिन भर बाज़ार मे उतारचढ़ाव का दौर जारी रहा । वहीं दूसरी तरफ़ निफ़्टी मे भी 59.08 अंको कि गिरावट दर्ज की गयी । हलांकि बाज़ार मे रियलिटी सेक्टर के शेयरों कि । दाम कम होने की वज़ह से काफ़ी बिक्री हुई । बैंकिंग क्षेत्रों को बिकवाली के दवाब मे काफ़ी नुक्सान उठाना पड़ा । जापान और एशिया के अन्य शेयर बाज़ारों मे भी गिरावट दर्ज़ की गयी ।
Sunday, October 26, 2008
दीपावली में रखें खुद का ख्याल
हम सब दीपावली में खुब सारी आतिशबाजी करते हैं और खुब सारी मिठाइयाँ खाते हैं | पर इन सब के बीच हम अपने सेहत का ख्याल रखना भुल जाते है | तो आतिशबाजी से बचे कम से कम आतिशबाजी
करें जिससे प्रदूषण कम हो और हम दमा, हार्ट अटैक जैसी बिमारियों से बच सकें |
दिल्ली कि लक्ष्मीबाई नगर मे लगे "एम टी एन एल पर्फ़ेक्ट हेल्थ मेला" मे दीपावली को देखते हुए
"पटाखो को ना कहें" वर्कशोप का अयोजन किया गया जीसमे पटाखों से होने वाले जख्मों और उनके
उपचार के बारे मे बताया गया | इसमे डोक्टरों ने बताया के अगर चोट के बाद जलन या दर्द हो रही
है तो चोट गम्भीर नही है पर उसे बहते पानी मे रखें जब तक जलन खत्म ना हो जाये अगर चोटील
हिस्सा सुन्न पड़ गया है तो तुरन्त डोक्टर से सलाह लें | चोट के बाद उसपर किसी क्रीम क प्रयोग न
करें इससे जले हिस्से रंगीन हो जाते हैं जिससे उपचार प्रक्रिया मे कठीनाई होती है और सही उपचार
नहीं मिल पाता है |
श्रेया आई क्लीनिक के डा. राकेश गुप्ता ने बताया कि पटाखों के धुएं से आंखों मे जलन होती है जिससे आंखों की रोशनी कम हो जाती है | वहीं राम मनोहर लोहिया के प्रो. जे एम हंस का कहना था की आतिशबाजी करते समय कानों मे रुई का प्रयोग करें जीससे कानों को नुकसान कम हो | प्रदूषण से
बचें और खाने में ड्राई फ़्रुट का प्रयोग करें | आपकी दीपावली सुरक्षित और मंगलमय हो |आप सबों
को N .R .A .I न्युज टीम की तरफ़ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ |
हम सब दीपावली में खुब सारी आतिशबाजी करते हैं और खुब सारी मिठाइयाँ खाते हैं | पर इन सब के बीच हम अपने सेहत का ख्याल रखना भुल जाते है | तो आतिशबाजी से बचे कम से कम आतिशबाजी
करें जिससे प्रदूषण कम हो और हम दमा, हार्ट अटैक जैसी बिमारियों से बच सकें |
दिल्ली कि लक्ष्मीबाई नगर मे लगे "एम टी एन एल पर्फ़ेक्ट हेल्थ मेला" मे दीपावली को देखते हुए
"पटाखो को ना कहें" वर्कशोप का अयोजन किया गया जीसमे पटाखों से होने वाले जख्मों और उनके
उपचार के बारे मे बताया गया | इसमे डोक्टरों ने बताया के अगर चोट के बाद जलन या दर्द हो रही
है तो चोट गम्भीर नही है पर उसे बहते पानी मे रखें जब तक जलन खत्म ना हो जाये अगर चोटील
हिस्सा सुन्न पड़ गया है तो तुरन्त डोक्टर से सलाह लें | चोट के बाद उसपर किसी क्रीम क प्रयोग न
करें इससे जले हिस्से रंगीन हो जाते हैं जिससे उपचार प्रक्रिया मे कठीनाई होती है और सही उपचार
नहीं मिल पाता है |
श्रेया आई क्लीनिक के डा. राकेश गुप्ता ने बताया कि पटाखों के धुएं से आंखों मे जलन होती है जिससे आंखों की रोशनी कम हो जाती है | वहीं राम मनोहर लोहिया के प्रो. जे एम हंस का कहना था की आतिशबाजी करते समय कानों मे रुई का प्रयोग करें जीससे कानों को नुकसान कम हो | प्रदूषण से
बचें और खाने में ड्राई फ़्रुट का प्रयोग करें | आपकी दीपावली सुरक्षित और मंगलमय हो |आप सबों
को N .R .A .I न्युज टीम की तरफ़ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ |
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