दीपावली में रखें खुद का ख्याल
हम सब दीपावली में खुब सारी आतिशबाजी करते हैं और खुब सारी मिठाइयाँ खाते हैं | पर इन सब के बीच हम अपने सेहत का ख्याल रखना भुल जाते है | तो आतिशबाजी से बचे कम से कम आतिशबाजी
करें जिससे प्रदूषण कम हो और हम दमा, हार्ट अटैक जैसी बिमारियों से बच सकें |
दिल्ली कि लक्ष्मीबाई नगर मे लगे "एम टी एन एल पर्फ़ेक्ट हेल्थ मेला" मे दीपावली को देखते हुए
"पटाखो को ना कहें" वर्कशोप का अयोजन किया गया जीसमे पटाखों से होने वाले जख्मों और उनके
उपचार के बारे मे बताया गया | इसमे डोक्टरों ने बताया के अगर चोट के बाद जलन या दर्द हो रही
है तो चोट गम्भीर नही है पर उसे बहते पानी मे रखें जब तक जलन खत्म ना हो जाये अगर चोटील
हिस्सा सुन्न पड़ गया है तो तुरन्त डोक्टर से सलाह लें | चोट के बाद उसपर किसी क्रीम क प्रयोग न
करें इससे जले हिस्से रंगीन हो जाते हैं जिससे उपचार प्रक्रिया मे कठीनाई होती है और सही उपचार
नहीं मिल पाता है |
श्रेया आई क्लीनिक के डा. राकेश गुप्ता ने बताया कि पटाखों के धुएं से आंखों मे जलन होती है जिससे आंखों की रोशनी कम हो जाती है | वहीं राम मनोहर लोहिया के प्रो. जे एम हंस का कहना था की आतिशबाजी करते समय कानों मे रुई का प्रयोग करें जीससे कानों को नुकसान कम हो | प्रदूषण से
बचें और खाने में ड्राई फ़्रुट का प्रयोग करें | आपकी दीपावली सुरक्षित और मंगलमय हो |आप सबों
को N .R .A .I न्युज टीम की तरफ़ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ |
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